धनबाद: जिले में चल रही विकास योजनाओं और पेयजलापूर्ति कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। धनबाद सदर, पुटकी एवं धनबाद अंचल में संचालित योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न पंचायतों में औचक निरीक्षण भी किया गया।
निरीक्षण के लिए गठित सात टीमों ने अलग-अलग पंचायतों में पहुंचकर योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर कार्यों में अनियमितता और गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आईं। इसके आधार पर तीन जूनियर इंजीनियर (जेई), एक असिस्टेंट इंजीनियर (एई) तथा एक पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
समीक्षा बैठक में अभिलेखों के संधारण में लापरवाही भी सामने आई। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए धनबाद अंचल के संबंधित लिपिकों एवं कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया गया।
वहीं, बिनोद बिहारी चौक सहित अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए धनबाद अंचल अधिकारी (सीओ) को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने के कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान सभी अंचलों को लैंड बैंक तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। साथ ही लंबित पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित निगरानी जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
















