धनबाद: एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित युवा संगम फेज-6 कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश से 56 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद पहुंचा। संस्थान के पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और वन बचाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री जामुना टुडू को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए आकर्षक छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसे मध्य प्रदेश से आए युवाओं ने खूब सराहा। समारोह की अध्यक्षता आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के डीन एकेडमिक प्रो. एम.के. सिंह ने की। इस दौरान संस्थान के कई वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
आईआईटी इंदौर के पांच समन्वयकों के साथ पहुंचे इस युवा प्रतिनिधिमंडल का संस्थान परिवार ने गर्मजोशी से स्वागत किया। युवा संगम कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है, ताकि युवा भारत की विविधता और एकता को करीब से समझ सकें।
20 जून तक झारखंड प्रवास के दौरान यह युवा दल राज्य के प्रमुख शैक्षणिक, औद्योगिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेगा। प्रतिनिधिमंडल मैथन डैम, कल्याणेश्वरी मंदिर, आईआईटी (आईएसएम) के जियोलॉजिकल म्यूजियम, बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ मंदिर, बोकारो स्टील प्लांट, राजभवन रांची, बीआईटी मेसरा, बिरसा मुंडा संग्रहालय, पारसनाथ पहाड़ और तोपचांची डैम सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा करेगा।
इसके अलावा युवा प्रतिनिधियों को आईआईटी (आईएसएम) के इनोवेशन सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं रोबोटिक्स सुविधाओं से भी अवगत कराया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को झारखंड की सांस्कृतिक विरासत, औद्योगिक विकास और तकनीकी प्रगति को समझने का अवसर मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि युवा संगम कार्यक्रम के तहत इससे पहले झारखंड का 42 सदस्यीय युवा दल मध्य प्रदेश एवं आईआईटी इंदौर के भ्रमण पर गया था। इस पहल के माध्यम से विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपरा, शिक्षा, उद्योग और नवाचार से परिचित कराया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि युवा संगम देश की विविधता में एकता को मजबूत करने का एक प्रभावी मंच बन रहा है। इससे युवाओं के बीच संवाद, समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा मिल रहा है।
















