कतरास: 26 सितंबर 1995 की गजलीटांड़ खान दुर्घटना की 32वीं बरसी पर शनिवार को गजलीटांड़ मैदान स्थित शहीद स्तंभ पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस मौके पर हादसे में जान गंवाने वाले 64 कोयला मजदूरों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बताया जाता है कि 26 सितंबर 1995 को मूसलाधार बारिश के बाद कतरी नदी का पानी गजलीटांड़ कोलियरी की नंबर-6 खदान में घुस गया था। पानी भरने के कारण खदान में काम कर रहे 64 मजदूरों की मौत हो गई थी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में BCCL सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, पूर्व BIADA अध्यक्ष विजय कुमार झा समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी और मजदूर यूनियन के नेता शामिल हुए। सभी ने शहीद स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर दिवंगत श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी।
परिजनों ने की पूजा-अर्चना
शहीद श्रमिकों के परिजनों ने भी शहीद स्तंभ पर पूजा-अर्चना कर दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों ने शहीद श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। परिजनों ने दुर्घटना के समय किए गए कुछ वादों और सुविधाओं से जुड़ी लंबित मांगों को भी सामने रखा।
विधायक और BCCL सीएमडी ने दिया भरोसा
बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने कहा कि यदि शहीद श्रमिकों के कुछ परिजनों की मांगें अभी भी लंबित हैं, तो उन्हें पूरा कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
वहीं BCCL सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि शहीद श्रमिकों से जुड़ी अधिकांश मांगें पूरी हो चुकी हैं। यदि किसी परिवार को अब भी कोई सुविधा नहीं मिली है, तो प्रबंधन स्तर पर उसे जल्द उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
गजलीटांड़ खान हादसे को तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन हर साल 26 सितंबर को शहीद श्रमिकों के परिजनों और स्थानीय लोगों के लिए यह त्रासदी पुरानी यादों को फिर से ताजा कर देती है।
















