रांची: झारखंड हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगे जाने पर अदालत ने ₹10 हजार का जुर्माना लगाया।
रिपोर्ट के अनुसार, हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा गया था। अदालत ने छह सप्ताह की मांग स्वीकार नहीं की और चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
2 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
यह याचिका ED के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा और अन्य की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में रांची के SC-ST थाने में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई है।
मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया हाईकोर्ट के समक्ष जारी है।
















