रांची : Shilpi Neha Tirkey ने रातू क्षेत्र में संचालित अत्याधुनिक मत्स्य परियोजना का निरीक्षण करते हुए कहा कि Jharkhand को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में मत्स्य उद्योग के विकास की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं और सरकार युवाओं एवं किसानों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने परियोजना में उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीकों, उन्नत मत्स्य उत्पादन व्यवस्थाओं और नवाचार आधारित मॉडल का जायजा लिया। उन्होंने “किंग फिशरीज” द्वारा विकसित एकीकृत मत्स्य मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों के समन्वय से मछली पालन को नया आयाम दिया जा सकता है।
परियोजना में बायोफ्लॉक टैंक, आधुनिक हैचरी, फीड प्लांट और अन्य उन्नत व्यवस्थाएँ शामिल हैं, जो मत्स्य पालन को वैज्ञानिक और लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही हैं। मंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित ऐसी परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएँगी।
उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीकों और नवाचार के साथ आगे बढ़ने की अपील करते हुए कहा कि झारखंड आने वाले समय में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।














