रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के सभी 24 जिलों के लिए 6 जुलाई से 9 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, गुमला और रांची जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं मंगलवार को धनबाद, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, साहिबगंज और गिरिडीह समेत उत्तर-पूर्वी झारखंड के कई जिलों में तेज बारिश का अनुमान है। बुधवार को भी राज्य के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है।
आईएमडी ने बताया है कि अगले कुछ दिनों तक राज्यभर में बादल छाए रहेंगे और अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, रांची के डिप्टी डायरेक्टर अभिषेक आनंद ने बताया कि आंधी-तूफान और वज्रपात की आशंका को देखते हुए सभी 24 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। किसानों के लिए यह मौसम धान की रोपाई और खेती के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है, हालांकि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना भी जरूरी है।
बीते 24 घंटों के मौसम की बात करें तो पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर में सबसे अधिक 50.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पलामू के डाल्टनगंज और पाकुड़ में अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बोकारो थर्मल में 35.1 डिग्री, जमशेदपुर में 34 डिग्री और रांची में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 12 जून को प्रवेश किया था और 30 जून तक पूरे राज्य में सक्रिय हो गया। इसके बावजूद 4 जुलाई तक राज्य में सामान्य से लगभग 45 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से वर्षा की कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें तथा मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
















