धनबाद: झारखंड में अपराध नियंत्रण की दिशा में धनबाद पुलिस ने एक नई और सख्त पहल करते हुए गुरुवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के चिन्हित दागी अपराधियों की सामूहिक परेड पुलिस लाइन में कराई। राज्य में अपनी तरह के इस पहले अभियान का उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपराध की दुनिया छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।
इस विशेष अभियान के दौरान सैकड़ों दागी अपराधियों की उपस्थिति दर्ज कराई गई। पुलिस अधिकारियों ने उनकी पहचान का सत्यापन किया और वर्तमान रहन-सहन, रोजगार तथा गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही यह भी जांच की गई कि वे किसी नए आपराधिक मामले में संलिप्त तो नहीं हैं।
इस मौके पर धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह उनके लिए सुधार का अंतिम अवसर है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति दोबारा अपराध में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
परेड के दौरान सभी अपराधियों को अपराध से दूर रहने, समाज की मुख्यधारा से जुड़ने, परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने और कानून का पालन करने की शपथ भी दिलाई गई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ईमानदारी के साथ जीवन जीने और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहने की सलाह दी।
धनबाद पुलिस ने गंभीर आपराधिक इतिहास वाले कई अपराधियों को विशेष निगरानी सूची में शामिल किया है। संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि रंगदारी, हत्या, लूट, मारपीट, अवैध वसूली, भूमि कब्जा, अवैध कारोबार और हथियारों के प्रदर्शन जैसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ अब और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य केवल हाजिरी लेना नहीं, बल्कि अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करना और संभावित अपराधों को पहले ही रोकना है। धनबाद पुलिस ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत हो तथा अपराध पर प्रभावी नियंत्रण कायम रखा जा सके।
















