धनबाद: झारखंड में राशन कार्ड को लेकर नए लाभुकों के लिए बड़ी जानकारी सामने आई है। राज्य में करीब 3.29 करोड़ की आबादी के बीच 2.64 करोड़ लोगों को राशन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह राज्य की कुल आबादी का लगभग 80.10 प्रतिशत है।
विभागीय दिशा-निर्देश के अनुसार इस लक्ष्य में अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और पूर्वविक्ता प्राप्त गृहस्थ योजना (PHH) के लाभुक शामिल हैं। सरकार की ओर से जिलावार लाभुकों का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। तय सीमा से अधिक नए लाभुकों को तभी जोड़ा जा सकेगा, जब संबंधित जिले में निर्धारित संख्या के भीतर रिक्तियां उपलब्ध हों।
छह साल से नहीं बदला राशन लाभुकों का लक्ष्य
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 में राज्य में AAY और PHH लाभुकों की कुल संख्या 2,64,25,385 निर्धारित की गई थी। इसके बाद करीब छह वर्षों में इस निर्धारित सीमा में बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में पुराने राशन कार्ड रद्द होने के बाद खाली हुई जगह पर नए पात्र लाभुकों को राशन कार्ड देने की प्रक्रिया की जा रही है।
विभाग ने सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को हर महीने जारी किए गए राशन कार्ड की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया है। वहीं अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड हटाने की प्रक्रिया के बाद पात्र लोगों को शामिल करने का रास्ता साफ होगा।
धनबाद में भी नए लाभुकों को मिल सकता है मौका
धनबाद जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुसार AAY श्रेणी में 1,36,992 और PHH श्रेणी में 17,33,368 लाभुकों का लक्ष्य रखा गया है। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से पहले चरण में बड़ी संख्या में राशन कार्डों की समीक्षा और रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद रिक्त स्थान के आधार पर पात्र नए लाभुकों के राशन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रशासन की ओर से पात्र लोगों को निर्धारित नियमों के तहत राशन कार्ड उपलब्ध कराने और अपात्र लाभुकों को सूची से हटाने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।
किन जिलों में कितना लक्ष्य?
राज्य के सभी 24 जिलों के लिए AAY और PHH लाभुकों की अलग-अलग संख्या निर्धारित की गई है। इनमें रांची, गिरिडीह, धनबाद, पलामू, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में बड़ी संख्या में लाभुकों का लक्ष्य निर्धारित है।
राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को विभागीय प्रक्रिया और पात्रता मानकों के अनुसार ही लाभ मिलेगा। निर्धारित लक्ष्य से अधिक लाभुकों को जोड़ने की अनुमति नहीं होगी, जब तक संबंधित जिले में रिक्ति उपलब्ध न हो।
















