धनबाद: न्यू टाउन हॉल में बुधवार को जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह सुखाड़ आकस्मिकता कार्ययोजना का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने बीज वितरण में पारदर्शिता बरतने, नए लाभुकों की पहचान करने तथा समूह आधारित खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं जिला परिषद अध्यक्षा शारदा सिंह ने कृषि यंत्रीकरण योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि यदि किसान पांच एकड़ भूमि में सामूहिक रूप से खेती एवं बागवानी करेंगे तो प्रशासन की ओर से डीप बोरिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
उप विकास आयुक्त सन्नी राज की पहल पर बाजार समिति के विक्रेताओं और किसानों के बीच सीधा संवाद भी कराया गया। बाजार समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र अग्रवाल ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनके उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र धनबाद के वरीय वैज्ञानिक सह प्रभारी अनिल कुमार ने जिले की सुखाड़ आकस्मिकता कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए उच्च एवं मध्य भूमि पर फसल विविधीकरण, उपयुक्त बीज चयन, जल संचयन, सूक्ष्म सिंचाई और बागवानी फसलों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने विभागीय अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों से खेती से जुड़े सवाल पूछे। वहीं जिला कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
खरीफ कर्मशाला में 60 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने बिरसा हरित बागवानी योजना के तहत आम सहित विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई। उपायुक्त और उप विकास आयुक्त ने किसानों से संवाद करते हुए प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया।
कार्यक्रम में मंत्री का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। इस दौरान अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक मिश्रा, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, नाबार्ड, जेएसएलपीएस, डीएमएफटी टीम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और लगभग 650 प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
















