देवघर |
रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पूर्व रेलवे की महत्वाकांक्षी 293 करोड़ रुपये की जसीडीह बाईपास परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसके जुलाई 2026 तक पूरी तरह चालू होने की संभावना है।
परियोजना के शुरू होने के बाद दुमका और गोड्डा की ओर जाने वाली ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर इंजन रिवर्सल (दिशा परिवर्तन) की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। वर्तमान में कई ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर रुककर दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे समय की बर्बादी होती है और यात्रियों को अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ता है।
नई बाईपास लाइन कुमराबाद रोहिणी और देवघर को सीधे जोड़ने का काम करेगी। इसके चालू होने के बाद ट्रेनें जसीडीह स्टेशन की भीड़भाड़ से बचते हुए सीधे अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगी। इससे रेल परिचालन अधिक सुगम और तेज होगा।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना सिर्फ यात्री ट्रेनों के लिए ही नहीं, बल्कि मालगाड़ियों के परिचालन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने बताया कि परियोजना के पूरा होने से रेल यातायात में समय की बचत होगी और क्षेत्रीय व्यापार एवं औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे का मानना है कि जसीडीह बाईपास परियोजना के शुरू होने के बाद देवघर, दुमका और गोड्डा क्षेत्र के लाखों यात्रियों को तेज, सुगम और आधुनिक रेल यात्रा का लाभ मिलेगा। यह परियोजना क्षेत्र में रेलवे आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
















