मथुरा : साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मथुरा पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत साइबर ठगी में शामिल आरोपियों का विस्तृत डेटा बैंक तैयार किया जा रहा है, जिसमें उनके नेटवर्क, बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल की जा रही हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइबर ठगी से अर्जित अवैध धन का उपयोग राजस्थान और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में जमीन खरीदने और अन्य संपत्तियां बनाने में किया गया। अब पुलिस इन निवेशों के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, ताकि अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डेटा बैंक तैयार होने से साइबर अपराधियों की पहचान, उनके नेटवर्क का विश्लेषण और उनके खिलाफ साक्ष्य आधारित कानूनी कार्रवाई करना अधिक प्रभावी होगा। साथ ही, अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।
मथुरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन के झांसे में न आएं। यदि साइबर ठगी की आशंका हो या कोई घटना घटित हो, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
















