रांची : Jharkhand High Court ने महिला पर्यवेक्षक नियुक्ति मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए JSSC को प्रार्थी वंदना कुमारी की उम्मीदवारी पर तत्काल निर्णय लेने को कहा है।
यह मामला दस्तावेज सत्यापन के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया लंबित रहने से जुड़ा है। न्यायमूर्ति Deepak Roshan की अदालत में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रार्थी नियुक्ति के लिए पात्र हैं, तो उन्हें तुरंत नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया जाए।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता Amritansh Vats ने कोर्ट को बताया कि वंदना कुमारी का दस्तावेज सत्यापन पहले चरण में ही पूरा हो चुका था और सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि नहीं पाई गई थी। साथ ही उन्हें कोई शो-कॉज नोटिस भी जारी नहीं किया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि जेएसएससी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनके नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया, जबकि बाद के दूसरे और तीसरे चरण के अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन कर उनका परिणाम भी जारी कर दिया गया और कई को नियुक्ति पत्र भी मिल चुका है।
अदालत को यह भी बताया गया कि बीसी-2 श्रेणी में कुल 35 रिक्तियों में से केवल 19 उम्मीदवारों के परिणाम घोषित किए गए हैं। ऐसे में रिक्तियां उपलब्ध होने के बावजूद प्रार्थी का परिणाम लंबित रखना सवाल खड़े करता है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब जेएसएससी को प्रार्थी की उम्मीदवारी पर जल्द फैसला लेना होगा।














