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नई अनाज वितरण नीति के विरोध में GFCI मजदूरों का आंदोलन तेज, धरना स्थल पहुंचे विधायक जयराम महतो

JP Bharat Shareधनबाद: नई अनाज वितरण नीति के विरोध में धनबाद जिले के विभिन्न प्रखंडों के जीएफसीआई (GFCI) गोदामों में कार्यरत मोटिया मजदूरों का आंदोलन लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को लेकर मजदूर रणधीर वर्मा चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से सैकड़ों…

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धनबाद: नई अनाज वितरण नीति के विरोध में धनबाद जिले के विभिन्न प्रखंडों के जीएफसीआई (GFCI) गोदामों में कार्यरत मोटिया मजदूरों का आंदोलन लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को लेकर मजदूर रणधीर वर्मा चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से सैकड़ों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

मजदूरों के अनुसार, नई नीति के तहत अब एफसीआई (FCI) गोदामों से सीधे पीडीएस (PDS) दुकानों तक अनाज की आपूर्ति की जाएगी। इससे प्रखंड स्तर के जीएफसीआई गोदामों में होने वाली अनाज की लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन का कार्य प्रभावित होगा, जिससे वर्षों से इस कार्य से जुड़े मजदूरों की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है।

धरना स्थल पर पहुंचे डुमरी विधायक जयराम महतो ने आंदोलनरत मजदूरों का समर्थन करते हुए कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल मजदूरों के साथ वार्ता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को नई नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए। यदि मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे इस मुद्दे को झारखंड विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।

धरना पर बैठे मजदूर दामोदर यादव ने बताया कि वे वर्षों से जीएफसीआई गोदामों में एफसीआई से आने वाले अनाज की अनलोडिंग, गोदाम से पीडीएस दुकानदारों तक लोडिंग और आपूर्ति का कार्य करते रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने से उनका रोजगार छिनने की स्थिति बन गई है। उन्होंने सरकार से पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।

धरना स्थल पर झामुमो के उपाध्यक्ष मदन राम भी पहुंचे और आंदोलनरत मजदूरों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया।


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