धनबाद: पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन के बैनर तले पूर्व मध्य रेलवे पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक धनबाद रेलवे स्टेशन स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त रेलकर्मियों ने भाग लेकर अपनी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की और उनके समाधान की मांग उठाई।
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा रेलवे की ऑनलाइन रिटायरमेंट पास व्यवस्था का रहा। पेंशनरों ने कहा कि अधिकांश वरिष्ठ नागरिक डिजिटल प्रक्रिया का सहज उपयोग नहीं कर पाते, जिसके कारण यात्रा पास प्राप्त करने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की तरह फिजिकल (पेपर) पास की व्यवस्था फिर से लागू की जाए ताकि बुजुर्ग रेलकर्मियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
इसके अलावा रेलवे द्वारा सूचीबद्ध निजी (टाई-अप) अस्पतालों में कैशलेस भर्ती सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। सदस्यों का कहना था कि सरकार की अनुमति होने के बावजूद कई अस्पतालों में पेंशनरों को कैशलेस उपचार का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू कराने की मांग की।
बैठक को संबोधित करते हुए नेताजी सुभाष और नीलकमल खवास ने कहा कि रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक और सरल सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है। वरिष्ठ नागरिकों को तकनीकी जटिलताओं से राहत देने के लिए पेपर पास व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
बैठक का संचालन कामरेड अजय कुमार तिवारी ने किया। इस अवसर पर सत्तरजीत सिंह, एन.सी. राय, शिव प्रसाद, चमारी राम, यू.एस. प्रसाद, विजय कुमार, अशोक कुमार प्रसाद, एस.एस. सिंह, गौतम, अजय कुमार, ओम प्रकाश राय, चितरंजन सिंह, गोपाल महतो, प्रशांत बनर्जी, प्रदीप सिंह, शंभू, नेताजी सुभाष और नीलकमल खवास सहित कई सेवानिवृत्त रेलकर्मी उपस्थित रहे।
















