रांची : राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में रविवार को पहली बार आदिवासी एकता महाजुटान रैली का आयोजन किया गया। झारखंड समेत विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक पहचान के साथ रैली में शामिल हुए।
रैली के दौरान आदिवासी अधिकारों, संवैधानिक संरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने परिसीमन के माध्यम से आदिवासियों के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों की संख्या कम होने की आशंका जताते हुए इसका विरोध किया और समाज से एकजुट रहने की अपील की।
कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, सांसद सुखदेव भगत, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की समेत कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मोरहाबादी मैदान में पारंपरिक नृत्य, ढोल-नगाड़ों और वेशभूषा के साथ आदिवासी संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। आयोजकों ने महाजुटान को आदिवासी समाज की एकता, अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी की आवाज के रूप में बताया।
रैली के दौरान आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और सामाजिक हितों को लेकर एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
















