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तोपचांची झील हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, स्थानीय युवाओं को गार्ड और गोताखोर बनाने की मांग

JP Bharat Shareधनबाद : Topchanchi Lake में 9 मई को हुए दर्दनाक हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। झील में डूबने से दो युवकों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने झमाडा प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि हादसे में झरिया कोयरी बांध…

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धनबाद : Topchanchi Lake में 9 मई को हुए दर्दनाक हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। झील में डूबने से दो युवकों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने झमाडा प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

बताया जा रहा है कि हादसे में झरिया कोयरी बांध निवासी अमन झुनझुनवाला और गोविंदपुर क्षेत्र निवासी अरमान आलम की मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने झील परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर नाराजगी जताई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थल होने के बावजूद झील परिसर में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड और गोताखोरों की व्यवस्था नहीं है। छुट्टियों और विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

पूर्व जिला परिषद सदस्य संतोष महतो और ग्रामीण मनोज महतो ने मांग की कि स्थानीय युवाओं को सुरक्षा गार्ड और गोताखोर के रूप में नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और हादसों की स्थिति में तुरंत राहत कार्य संभव हो सकेगा।

वहीं Mathura Mahato के प्रतिनिधि जगदीश चौधरी ने कहा कि कई बार पर्यटक खुद सावधानी नहीं बरतते, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। उन्होंने बताया कि झील के आसपास बैरिकेडिंग और जाली लगाने की तैयारी की जा रही है।

इधर झमाडा प्रबंधक आशीष गंगवार ने कहा कि झील में उतरने और नहाने से मना करने वाले चेतावनी बोर्ड पहले से लगाए गए हैं, लेकिन लोग निर्देशों को नजरअंदाज कर पानी में चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।

लगातार हो रहे हादसों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत आखिर कब पूरी होगी।


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