टुंडी : Tundi के भुरसाबाँक गांव में शुक्रवार को भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मौका था 41वें वार्षिक “श्री श्री रामचरित मानस महायज्ञ एवं सम्मेलन” के शुभारंभ का। महायज्ञ की शुरुआत 508 कलशों की भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
सुबह करीब 7 बजे जैसे ही कलश यात्रा निकली, पूरा क्षेत्र “जय श्री राम” के जयघोष से गूंज उठा। पीले वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं की लंबी कतार और सिर पर रखे 508 कलशों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
महायज्ञ समिति के अनुसार यह धार्मिक अनुष्ठान 18 मई 2026 तक चलेगा। नौ दिनों तक चलने वाले रामचरित मानस पाठ और यज्ञ के माध्यम से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जा रही है। वहीं शाम में विशेष संध्या आरती का आयोजन भी किया गया।
समिति के अध्यक्ष कुन्दन सिंह और सचिव शशिकांत महथा ने बताया कि 19 मई को कलश विसर्जन, कन्या पूजन और विशाल भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन होगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
भक्ति, आस्था और 508 कलशों की इस भव्य यात्रा ने पूरे टुंडी क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया है।
















