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विक्रमशिला सेतु संकट के बीच सेना ने संभाला मोर्चा, युद्धस्तर पर बन रहा 25 टन क्षमता वाला बेली ब्रिज

JP Bharat Shareभागलपुर : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और स्लैब गिरने के बाद उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन एवं भारतीय सेना ने यातायात बहाल करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रभावित मार्ग पर आवागमन जल्द शुरू कराने के उद्देश्य से अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया…

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भागलपुर : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और स्लैब गिरने के बाद उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन एवं भारतीय सेना ने यातायात बहाल करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रभावित मार्ग पर आवागमन जल्द शुरू कराने के उद्देश्य से अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।

निर्माण कार्य शुरू होने से पहले परियोजना स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। सेना के अधिकारियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों और श्रमिकों ने निर्माण कार्य को सुरक्षित और शीघ्र पूरा करने का संकल्प लिया।

BRO बना रही डबल लेयर बेली ब्रिज

इस महत्वपूर्ण परियोजना की जिम्मेदारी भारतीय सेना और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने संभाली है। अधिकारियों के अनुसार यहां आधुनिक तकनीक से “डबल लेयर” बेली ब्रिज तैयार किया जा रहा है, जिसकी भार वहन क्षमता लगभग 25 टन होगी।

इस पुल के निर्माण के बाद हल्के और मध्यम वाहनों का सुरक्षित परिचालन संभव हो सकेगा। सेना और BRO की टीम दिन-रात लगातार काम में जुटी हुई है। पुल निर्माण के लिए आवश्यक भारी मशीनें और अन्य सामग्री भी मौके पर पहुंचा दी गई हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर अगले 15 से 20 दिनों के भीतर इस मार्ग पर यातायात फिर से शुरू किया जा सकता है।

जनजीवन पर पड़ा था बड़ा असर

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर, नवगछिया और आसपास के कई इलाकों में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया था। छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

अब सेना और BRO की तेज रफ्तार कार्रवाई से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही क्षेत्र में सामान्य जनजीवन बहाल हो जाएगा।


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