,

150 लंबित साइबर कांडों पर SSP की सख्ती, दो माह में 50 से कम करने का लक्ष्य

JP Bharat Shareधनबाद: साइबर अपराध से जुड़े लंबित मामलों के जल्द निष्पादन को लेकर धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने गुरुवार को पुलिस सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, आईपीएस अंकित सिन्हा, साइबर डीएसपी प्रदीप साव, डीएसपी मुख्यालय कुमार विनोद समेत साइबर थाना के अधिकारी और पुलिस निरीक्षक…

JP Bharat Share

धनबाद: साइबर अपराध से जुड़े लंबित मामलों के जल्द निष्पादन को लेकर धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने गुरुवार को पुलिस सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, आईपीएस अंकित सिन्हा, साइबर डीएसपी प्रदीप साव, डीएसपी मुख्यालय कुमार विनोद समेत साइबर थाना के अधिकारी और पुलिस निरीक्षक मौजूद रहे।

समीक्षा के दौरान साइबर थाना में लंबित मामलों की संख्या, अब तक हुई जांच और मामलों के निष्पादन की प्रगति की जानकारी ली गई। वर्तमान में 150 साइबर कांड लंबित पाए गए। एसएसपी ने अधिकारियों को इन मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने अगले दो महीने में लंबित मामलों की संख्या 50 से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए अभियान चलाकर मामलों का निष्पादन करने और जांच में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों को तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी इस्तेमाल करने का भी निर्देश दिया गया।

एसएसपी ने सभी पुलिस निरीक्षकों को हर महीने कम से कम तीन साइबर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही लंबित कांडों की नियमित समीक्षा करने और जांच के दौरान सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया।

सिटी एसपी और साइबर डीएसपी को मामलों की लगातार निगरानी की जिम्मेदारी दी गई। एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराध से जुड़े मामले तकनीकी और संवेदनशील प्रकृति के होते हैं, इसलिए इनके अनुसंधान में गंभीरता और तत्परता जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि साइबर मामलों के अनुसंधान और निष्पादन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों एवं अनुसंधानकर्ताओं को उनके कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। धनबाद पुलिस पहले भी साइबर और डिजिटल फोरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दे रही है।


JP Bharat Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports