झरिया: गोलमारा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में शनिवार को 16 मौजा की जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर रैयतों की आमसभा हुई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रैयत शामिल हुए। रैयतों ने जमीन और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया।
बैठक में रैयतों ने कहा कि उनकी पहली मांग अधिग्रहित जमीन की वापसी है। जमीन वापस नहीं होने की स्थिति में उन्होंने वर्तमान बाजार दर के अनुसार चार गुना मुआवजा और जमीन देने वाले रैयतों को रोजगार देने की मांग रखी।
बैलगड़िया में धरना देने की तैयारी
रैयतों ने बताया कि वे बैलगड़िया टाउनशिप के सामने धरना स्थल तैयार कर आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि जमीन अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
चांदकुइयां पंचायत के पूर्व मुखिया मनोज सिंह ने कहा कि 16 मौजा के रैयत अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बैलगड़िया में टेक्सटाइल कंपनी की फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया चल रही है और विस्थापितों को रोजगार देने की बात कही जा रही है।
रैयतों की मांग है कि जिन परिवारों की जमीन गई है, रोजगार में प्राथमिकता भी उन्हीं को मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार के अवसरों में प्रभावित रैयतों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
रैयतों ने BCCL और जरेडा प्रबंधन से वार्ता कर जमीन अधिग्रहण और रोजगार के मुद्दे का समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
रैयतों के अनुसार, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी उनके आंदोलन का समर्थन किया है। बैठक में गौतम सिंह, मनोहर सिंह, अतुल सिंह, विकास चौधरी, अनील मंडल, अशोक सिंह, श्याम सिंह, रघुनंदन सिंह, श्रीनाथ सिंह और जेठू महतो समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
















