धनबाद जिले के गोविंदपुर अंचल क्षेत्र के भीतिया पंचायत अंतर्गत कंडरा मौजा में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया है। मामला मौजा संख्या 133 और खाता संख्या 2 की जमीन से जुड़ा है। विवाद अब गोविंदपुर थाना और अंचल कार्यालय तक पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे और दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
प्रथम पक्ष के किशोर गोस्वामी का आरोप है कि विवादित जमीन उनके पूर्वजों की पुश्तैनी संपत्ति है। उनका दावा है कि हालिया सर्वे में हुई गड़बड़ी का फायदा उठाकर निरंजन गोस्वामी ने जमीन पर अपना दावा किया और बाद में इसे श्याम कुमार शर्मा को बेच दिया। किशोर गोस्वामी ने निरंजन गोस्वामी और सुरेश गोस्वामी के खिलाफ गोविंदपुर थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, दूसरे पक्ष के निरंजन गिरी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पास वर्ष 1949 का पुराना डीड और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। उनके अनुसार, किशोर कुमार के दादा रामलाल पुरी गोस्वामी, निवासी खिलकनाली, ने करीब 75 वर्ष पहले यह जमीन संजू प्रसाद गिरी को बेची थी। पुराने खतियान और रजिस्ट्री डीड के आधार पर उन्होंने जमीन पर वर्षों से अपने पूर्वजों और परिवार के कब्जे का दावा किया है।
दूसरे पक्ष का यह भी कहना है कि प्रथम पक्ष के बड़े पापा की ओर से पूर्व में दावा न होने से संबंधित प्रमाण दिया गया था, जिसके दस्तावेज भी उन्होंने सार्वजनिक किए हैं।
विवाद की गंभीरता को देखते हुए अंचल कार्यालय के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर संबंधित प्लॉट का स्पॉट वेरिफिकेशन और भौतिक जांच की है। वहीं, थाने में आवेदन दिए जाने के बाद दूसरे पक्ष ने भी अपने दस्तावेज पुलिस के समक्ष प्रस्तुत कर दिए हैं।
फिलहाल दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों की प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही जमीन पर वास्तविक अधिकार को लेकर आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।
















