नई दिल्ली: सरकारी विभाग के एक वरिष्ठ इंजीनियर मोहन नाइक के ठिकानों पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई छापेमारी में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान जमीन, फ्लैट, विला, सोना और अन्य चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, अधिकारी का मासिक वेतन करीब ₹85 हजार बताया जा रहा है। आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में कथित तौर पर अधिक संपत्ति होने के आरोपों के आधार पर ACB ने कार्रवाई की। एजेंसी ने छापेमारी के बाद अधिकारी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
ACB का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों के मूल्यांकन के साथ-साथ उनकी वैधता की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर सरकारी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर बहस को तेज कर रहा है। हालांकि, कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जाता, जब तक अदालत में उसके खिलाफ आरोप सिद्ध न हो जाएं।
यदि जांच में ACB के दावे सही साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही कथित अवैध संपत्ति की जब्ती सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी अपनाई जा सकती हैं।
















