जामताड़ा: देवघर और बासुकिनाथ धाम से जल चढ़ाकर छत्तीसगढ़ लौट रहे आठ कांवड़ियों की गाड़ी शुक्रवार शाम जामताड़ा थाना क्षेत्र के चैंगगायडीह गांव के पास विवाद में फंस गई। कांवड़ियों का आरोप है कि भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेरकर ईंट-पत्थर और चप्पलों से हमला किया। पुलिस की तत्परता से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र के रहने वाले आठ कांवड़िये दो वाहनों से वापस लौट रहे थे। रास्ता तलाशते समय वे कथित तौर पर गूगल मैप के जरिए रास्ता भटककर चैंगगायडीह गांव की ओर पहुंच गए।
कांवड़ियों के मुताबिक, गांव के पास वाहन से किसी व्यक्ति पर पानी के छींटे पड़ने के बाद विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और उनकी गाड़ी को घेर लिया गया। आरोप है कि इस दौरान पथराव किया गया, जिससे स्विफ्ट डिजायर के आगे और पीछे के शीशे टूट गए। एक कांवड़िये के साथ मारपीट का आरोप भी लगाया गया है।
स्थिति बिगड़ने पर कांवड़िये वाहन छोड़कर पास के एक घर में चले गए और वहां से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जामताड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित थाने ले आई।
घटना की जानकारी के बाद एसडीओ अनंत कुमार और जामताड़ा एसडीपीओ वसीम रजा भी थाना पहुंचे। प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर स्थिति को शांत कराया गया।
फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी नहीं है। पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। घटना को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।
















