चिरकुंडा : झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत चिरकुंडा नगर परिषद के वार्ड संख्या 15 में सरकारी राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यहां योजना संख्या 56/2024-25 के अंतर्गत करीब ₹13.93 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन उद्घाटन के बाद से ही बंद पड़ा हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस भवन का आज तक आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल पाया है। भवन में अब तक न तो किसी शादी-विवाह का आयोजन हुआ और न ही कोई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
स्थानीय निवासी आशिष राय ने बताया कि सामुदायिक भवन लगातार ताले में बंद रहता है और परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण क्षेत्र के लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने चिरकुंडा नगर परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनीता देवी से मांग की है कि सामुदायिक भवन को जल्द आम लोगों के उपयोग के लिए खोला जाए और क्षेत्र की साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
















