झरिया: बीसीसीएल एरिया-5 अंतर्गत नगरीकला एवं आसपास के भू-विस्थापित परिवारों को जमीन के बदले नियोजन और नियमीकरण नहीं मिलने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मुद्दे को लेकर झरिया विधायक Ragini Singh ने एरिया-5 के महाप्रबंधक (जीएम) नीरजल चक्रवर्ती के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं को उठाया।
बैठक में वर्षों से लंबित पड़े नियोजन, नियमीकरण और शेष पात्र परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। भू-विस्थापितों ने विधायक को बताया कि वर्ष 1991 में नगरीकला मौजा की लगभग 33.71 एकड़ भूमि बीसीसीएल को दी गई थी, जिसके बदले 34 लोगों को नियोजन देने की स्वीकृति मिली थी। हालांकि कुछ लोगों को इसका लाभ मिला, लेकिन कई पात्र परिवार आज भी रोजगार और नियमीकरण से वंचित हैं।
भू-विस्थापितों का कहना है कि वर्ष 2015 और 2018 में भी नियोजन प्रक्रिया चली थी, लेकिन कई परिवारों के मामले अब तक लंबित हैं। उनका आरोप है कि बीसीसीएल द्वारा उक्त भूमि पर कार्यालय, भवन, क्वार्टर और अन्य निर्माण कार्य करा लिए गए, लेकिन सभी प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार नहीं मिला।
विधायक रागिनी सिंह ने बैठक में कहा कि जिन परिवारों ने अपनी जमीन कंपनी को दी है, उन्हें नियोजन और नियमीकरण का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन से मामले की गंभीरता से समीक्षा कर लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की।
बैठक के दौरान जीएम नीरजल चक्रवर्ती ने उपलब्ध अभिलेखों और मांगों की जांच कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
विधायक ने कहा कि जब तक सभी पात्र भू-विस्थापित परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेंगी और जरूरत पड़ने पर उच्च स्तर तक मामला ले जाएंगी।
















