कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिवाकर सरदार और प्रभास मंडल के रूप में हुई है। सोमवार सुबह दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच बारुईपुर महकमा अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक 12 वर्षीय किशोरी शनिवार से लापता थी। रविवार सुबह उसका शव एक तालाब से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए बारुईपुर, नरेंद्रपुर और सोनारपुर थाना क्षेत्रों में धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। पहली एफआईआर नाबालिग की हत्या के संबंध में, दूसरी उग्र भीड़ द्वारा एक युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में और तीसरी पुलिस पर हमले को लेकर दर्ज की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो सभी पहलुओं से मामले की जांच करेगा।
मृतक बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और दुष्कर्म की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
















