धनबाद: देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शुमार आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में रविवार को नवप्रवेशित अंडरग्रेजुएट (यूजी) और पोस्टग्रेजुएट (पीजी) विद्यार्थियों के लिए पेनमैन ऑडिटोरियम में भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। अलग-अलग सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, शोध संस्कृति, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (Innovation Ecosystem), छात्र सहायता सेवाओं और कैंपस जीवन से विस्तारपूर्वक परिचित कराया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें आईआईटी (आईएसएम) की 100 वर्षों से अधिक की गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेकर अपने भविष्य का निर्माण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान आज इंटरडिसिप्लिनरी शिक्षा के साथ-साथ क्रिटिकल मिनरल्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबल माइनिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में तेजी से अग्रसर है।
उन्होंने विद्यार्थियों से केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें क्रिटिकल थिंकिंग, टीमवर्क, लीडरशिप और प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसी क्षमताओं का विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे इंजीनियरों और शोधकर्ताओं की आवश्यकता है, जो नई सोच के साथ समाज की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करें। विद्यार्थियों को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, “जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें।”
कार्यक्रम में डीन (एकेडमिक) प्रो. अमित राय दीक्षित ने विद्यार्थियों को संस्थान के पाठ्यक्रम, मूल्यांकन प्रणाली, अकादमिक नियमों तथा इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग के विभिन्न अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं डीन (इनोवेशन एंड कॉरपोरेट रिलेशंस) प्रो. आलोक कुमार दास ने छात्रों से रिसर्च और इनोवेशन की संस्कृति अपनाने का आह्वान करते हुए संस्थान में उपलब्ध स्टार्टअप, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और नवाचार से जुड़े अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी।
डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) प्रो. संजय कुमार मंडल ने विद्यार्थियों को हॉस्टल, काउंसलिंग, स्टूडेंट वेलफेयर योजनाओं, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य छात्र सहायता सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने की अपील की।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम से पहले डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) कार्यालय की ओर से YourDOST के सहयोग से नवप्रवेशित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए अलग-अलग मेंटल हेल्थ अवेयरनेस ओरिएंटेशन सेशन आयोजित किए गए। इन सत्रों में तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, काउंसलिंग सुविधाओं तथा आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सहायता लेने के महत्व पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन डीन (इंटरनेशनल रिलेशंस) प्रो. रजनी सिंह ने किया। समापन सत्र में विद्यार्थियों ने संस्थान की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं, कैंपस जीवन, छात्र सुविधाओं और विभिन्न अकादमिक गतिविधियों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से समाधान किया।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद का यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम नए विद्यार्थियों के लिए न केवल संस्थान की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर बना, बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी प्रेरित किया।
















