धनबाद/बाघमारा: बाघमारा अनुमंडल के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत चिटाही-बहीयरडीह इलाके में मंगलवार को अवैध कोयला खनन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बंद खदान में कथित अवैध खनन के विरोध में पहुंचे ग्रामीणों पर गोलीबारी, बमबाजी और पत्थरबाजी किए जाने के आरोप के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। घटना में आधा दर्जन से अधिक महिला एवं पुरुषों के घायल होने की सूचना है।
ग्रामीणों के अनुसार बहीयरडीह की बंद खदान से लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध कोयले की निकासी की जा रही थी। आरोप है कि खनन के दौरान इलाके की प्रमुख जलधारा (जोरिया) को करकट, सीमेंट और बालू डालकर बंद कर दिया गया, जिससे जोगिडीह और बहीयरडीह के हजारों परिवारों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे पहले भी कई बार धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम कर चुके हैं। हाल ही में बीसीसीएल एरिया-3 और सीआईएसएफ की संयुक्त कार्रवाई में लगभग 40 टन अवैध कोयला जब्त किया गया था, लेकिन जलधारा को अब तक नहीं खोला गया। इसी मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण खदान क्षेत्र पहुंचे और बंद की गई जलधारा को खोलने का प्रयास करने लगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान अवैध खनन से जुड़े लोगों ने उन पर हमला कर दिया। कथित गोलीबारी, बमबाजी और पत्थरबाजी में कई लोग घायल हो गए। घायलों में गुड़िया देवी समेत कई महिला और पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने पुलिस प्रशासन पर भी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे के दौरान बरोरा थाना की एक पुलिस गाड़ी के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
बाद में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे ग्रामीणों और पुलिस के बीच सोनारडीह ओपी में तीखी नोकझोंक हुई। तनाव बढ़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और दो युवकों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले की जांच की जा रही है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
















