धनबाद: शहर के डॉ. मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल ने गुरुवार को अपनी स्थापना का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर अस्पताल परिसर में पूजा-अर्चना का आयोजन किया। इस मौके पर अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों और आम लोगों के बीच किडनी रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. मिहिर कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) एक गंभीर बीमारी है, जिसके शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। उन्होंने कहा कि अधिकांश मरीज बीमारी के अंतिम चरण में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे उपचार अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने बताया कि देश में बड़ी संख्या में लोग किडनी रोग से प्रभावित हैं और हर साल हजारों मरीजों को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। ऐसे में समय पर जांच और सही इलाज बेहद जरूरी है।
डॉ. मिहिर कुमार के अनुसार, अस्पताल पिछले एक वर्ष से झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के मरीजों को किडनी रोग से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। यहां 24 घंटे डायलिसिस और आईसीयू जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल नियमित रूप से शुगर, ब्लड प्रेशर और किडनी जांच शिविर आयोजित कर लोगों को समय रहते स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित करता है। उनका मानना है कि शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर इसे लंबे समय तक नियंत्रित किया जा सकता है।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि अस्पताल जल्द ही टेली-नेफ्रोलॉजी सेवा शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे दूरदराज के मरीज भी विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में किडनी रोग के प्रति जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।
















