धनबाद: Dhanbad के दामोदरपुर में नगर वन परियोजना विभागीय लापरवाही का उदाहरण बनती जा रही है। बेहतर पर्यावरण और हरियाली के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना आज अधूरी पड़ी है और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है।
4 साल बाद भी अधूरा काम
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा इस परियोजना को वर्ष 2022-23 में स्वीकृति दी गई थी। लेकिन 2026 तक भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जिससे परियोजना की प्रगति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नशे का अड्डा बना परिसर
नगर वन के मुख्य गेट के पास बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी यह दर्शाती हैं कि रात के समय यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है। अधूरा निर्माण होने के कारण यह इलाका असामाजिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित स्थान बन गया है।
स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम होते ही यहां असामाजिक तत्वों की भीड़ जुटने लगती है, जिससे राहगीरों—खासकर महिलाओं—को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों में विभाग की लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है।
सवालों के घेरे में विभाग
एक ओर सरकार शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की अधूरी परियोजनाएं प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती हैं।
👉 अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है और नगर वन परियोजना को पूरा कर लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराता है।
















