धनबाद:राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के जन-जागरूकता अभियान के तहत संचालित ‘जस्टिस रूट’ (न्याय रथ) बुधवार को लॉ कॉलेज, धनबाद पहुंचा। इस अवसर पर विधि के छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, विभिन्न सरकारी योजनाओं, लोक अदालत, मध्यस्थता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) तथा नशा नियंत्रण से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सह अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनो ने विद्यार्थियों को एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) के प्रमुख प्रावधानों, नशे के दुष्परिणामों और कानून के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को स्वयं नशे से दूर रहना चाहिए और समाज में विधिक जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट ने मध्यस्थता, लोक अदालत तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली के माध्यम से कम समय और कम खर्च में विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है।
वहीं सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल शैलेंद्र कुमार झा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, निःशुल्क विधिक सहायता, पात्रता तथा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विधि के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सह अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनो ने बताया कि ‘जस्टिस रूट’ (न्याय रथ) आगामी दिनों में जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों का भ्रमण करेगा। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी पहुंचाकर न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
















