धनबाद : शहर को 24×7 जलापूर्ति का सपना दिखाने वाली फेज-2 योजना अब सरकारी सुस्ती और लापरवाही का उदाहरण बनती जा रही है। जिस परियोजना को वर्ष 2022 तक पूरा होना था, वह 4 साल बाद भी अधूरी पड़ी है।
भुईंफोड़ स्थित ढांगी पहाड़ पर बनाए जा रहे विशाल रिजर्ववायर के जरिए शहर के करीब 55 हजार से अधिक घरों तक पानी पहुंचाने का दावा किया गया था, ताकि बिजली कटने पर भी जलापूर्ति बाधित न हो। लेकिन हकीकत यह है कि काम अब भी अधूरा है और लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
करीब 580 करोड़ रुपये की मैथन-भेलाटांड़ समानांतर पाइपलाइन योजना के तहत स्टील गेट, बैंकमोड़, हीरापुर और धैया जैसे प्रमुख इलाकों में पानी पहुंचाया जाना था। मगर पाइपलाइन बिछाने और संरचना निर्माण की धीमी गति ने इस योजना को अधर में लटका दिया है।
हैरानी की बात यह है कि Larsen & Toubro (L&T) जैसी बड़ी कंपनी और JUDCO की देखरेख में काम होने के बावजूद कई तय समयसीमाएं बीत चुकी हैं।
पेयजल विभाग के अनुसार 2022 तक करीब 89 हजार घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य था, लेकिन आज भी हजारों परिवार पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ढांगी पहाड़ पर पाइपलाइन और तकनीकी कार्य अभी भी जारी हैं, जिससे यह करोड़ों की योजना फाइलों और अधूरे निर्माण के बीच फंसी हुई नजर आ रही है।
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