धनबाद: जिले में डिजिटल गवर्नेंस को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सन्नी राज की अध्यक्षता में आयोजित जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी की बैठक में सरकारी कार्यालयों, प्रज्ञा केंद्रों और ऑनलाइन सेवाओं को लेकर अहम निर्देश जारी किए गए।
बैठक में सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिया गया कि अब आधिकारिक कार्यों के लिए केवल सरकारी ईमेल आईडी का ही उपयोग किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे सरकारी सूचनाओं की सुरक्षा मजबूत होगी और विभागीय पत्राचार अधिक विश्वसनीय एवं व्यवस्थित बनेगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए एनआईसी और JAP-IT के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला परिषद परिसर और कंबाइंड बिल्डिंग में नए प्रज्ञा केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद लोगों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के लिए दूर-दराज के प्रज्ञा केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए झारसेवा आईडी जारी करने की प्रक्रिया को भी सख्त किया गया है। अब नई झारसेवा आईडी बिना पूर्ण भौतिक सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के जारी नहीं की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे फर्जी आईडी और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
इसके अलावा बैठक में बीएसएनएल की लीज लाइन को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए, ताकि सरकारी ऑनलाइन सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए और नागरिकों को बेहतर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
















