धनबाद, : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से धनबाद जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हाईवे टास्क फोर्स के गठन सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि हरिहरपुर से मैथन तक राष्ट्रीय राजमार्ग की निगरानी के लिए एक विशेष हाईवे टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टीम 24 घंटे सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेगी और यातायात संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई करेगी।
जिला परिवहन पदाधिकारी और ट्रैफिक डीएसपी के नेतृत्व में गठित इस टीम में पुलिस बल के साथ-साथ हाइड्रा और क्रेन की भी व्यवस्था की जाएगी। टास्क फोर्स का मुख्य कार्य अवैध कटों को बंद कराना, खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराना, सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाना तथा यातायात को सुचारु बनाए रखना होगा।
बैठक में “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान की समीक्षा भी की गई। अभियान के नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है। संबंधित संचालकों से जवाब मांगा जाएगा कि निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने पर उनके लाइसेंस के विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए।
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित पेट्रोल पंपों, होटलों, क्लीनिकों और अन्य बड़े प्रतिष्ठानों में फर्स्ट एड कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। यहां मौजूद कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि दुर्घटना के बाद शुरुआती मदद तुरंत मिल सके।
जिला परिवहन विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि हाल के महीनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में तेज रफ्तार, लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना, ओवरलोडिंग तथा मानवीय त्रुटियां शामिल हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और नियमों का सख्ती से पालन कराने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने, रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाने और अन्य आवश्यक सुधार कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। वहीं बैंक मोड़ क्षेत्र में पार्किंग स्थल चिन्हित करने तथा सड़क अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने की भी योजना बनाई गई।
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को प्रभावित करने वाले अवरोधों की पहचान कर फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रशासन को उम्मीद है कि इन उपायों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों को अधिक सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
















