धनबाद नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 22 स्थित ऐतिहासिक राजा तालाब इन दिनों विवादों की भेंट चढ़ गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग की महत्वाकांक्षी योजना अमृत 2.0 के तहत वर्ष 2023 में इस तालाब के कायाकल्प के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन मालिकाना हक को लेकर उठे विवाद के कारण योजना अधर में लटक गई है।
करीब 6.67 एकड़ में फैले इस तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू होने से पहले ही एक निजी दावे ने पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी। शिलान्यास के समय शुरू हुआ यह विवाद अब तक सुलझ नहीं सका है, जिससे करोड़ों की योजना जमीन पर उतरने से पहले ही ठप पड़ गई।
वर्तमान में तालाब की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जलकुंभी और गंदगी से पूरा क्षेत्र पटा हुआ है, जिससे तालाब का अस्तित्व ही संकट में नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तालाब कभी छठ पूजा और अन्य सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब उपेक्षा का शिकार हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक मालिकाना विवाद का समाधान नहीं होता, तब तक कम से कम तालाब की साफ-सफाई कराई जाए और इसे उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके और किसी संभावित हादसे से बचाव हो सके।
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