धनबाद: फुलारीटांड़ और आसपास के इलाकों में लंबे समय से दहशत का कारण बने आक्रामक सांड को ग्रामीणों ने मंगलवार को करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ लिया। सोमवार को दो युवकों पर सांड के हमले के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़ने का अभियान शुरू किया था।
जंगल की घेराबंदी कर सांड को पकड़ा
दर्जनों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर फुलारीटांड़ जंगल और आसपास के इलाके में सांड की तलाश में जुटे। घेराबंदी कर उसे खटाल की ओर खदेड़ा गया, जहां रस्सियों की मदद से उसे काबू में किया गया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों को हल्की चोटें भी आईं।
दो युवकों पर किया था हमला
बताया गया कि सोमवार को सांड ने रंजन यादव और राहुल भुइयां पर हमला कर दिया था। दोनों घायल हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, सांड ने रंजन यादव को पटककर अपने नीचे दबा लिया था, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला।
पहले भी हमलों की बात, बुजुर्गों की मौत का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि सांड इससे पहले भी कई लोगों पर हमला कर चुका है। उनके अनुसार, 4 सितंबर को बेनीडीह क्वार्टर निवासी 80 वर्षीय चांदो भुइयां की मौत सांड के हमले के बाद हुई थी। वहीं सेवानिवृत्त कर्मी सियाराम सोनार की मौत की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
इसके अलावा चंद्रु उरांव के गंभीर रूप से घायल होने और केलु यादव का हाथ टूटने की जानकारी भी ग्रामीणों ने दी।
गोशाला ने रखने से किया इनकार
सांड को पकड़ने के बाद ग्रामीण उसे वाहन से कतरास स्थित गोशाला ले गए थे। हालांकि, उसके आक्रामक व्यवहार को देखते हुए गोशाला प्रबंधन ने उसे रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी सहमति से सांड को पारसनाथ क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया।
















