धनबाद: जिले में वर्षों से बंद पड़े पुराने रोप-वे और परित्यक्त लोहे के ढांचों को हटाने की दिशा में जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जर्जर और अनुपयोगी संरचनाओं को हटाने का कार्य शुरू किया गया है।
इसी क्रम में बुधवार को झरिया के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जामाडोबा डुमरी 2 नंबर इलाके में बंद पड़े रोप-वे के लोहे के ढांचे को काटकर हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान बीसीसीएल अधिकारियों के साथ सीआईएसएफ एवं जोड़ापोखर थाना की पुलिस बल भी मौजूद रही। सुरक्षा व्यवस्था के बीच मशीनों और गैस कटर की सहायता से वर्षों पुराने जर्जर ढांचों को हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई थी। मौके पर तैनात सीआईएसएफ और पुलिस कर्मियों ने पूरे अभियान की निगरानी की। अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से बंद पड़े ये लोहे के ढांचे सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके थे। इसके अलावा इनका इस्तेमाल कई बार अवैध गतिविधियों और चोरी जैसी घटनाओं में भी किया जा रहा था।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और बीसीसीएल की इस पहल का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि परित्यक्त रोप-वे और जर्जर लोहे के ढांचे हटने से न केवल दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी, बल्कि चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिले के विभिन्न हिस्सों में मौजूद ऐसे परित्यक्त और खतरनाक ढांचों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और क्षेत्र को सुरक्षित बनाना है।
जिला प्रशासन और बीसीसीएल की इस संयुक्त पहल को क्षेत्र में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई कर पुराने और खतरनाक ढांचों को हटाया जाएगा।
















