धनबाद: गोयल परिवार की ओर से आयोजित सामूहिक श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दौरान नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में कृष्ण भजनों और भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के मंचन ने श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। कोलकाता से आए कलाकारों ने नृत्य नाटिका के जरिए श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का मंचन किया।
‘मेरे अंगना में आओ नंदलाल’, ‘दर्शन की प्यासी गुजर गया मैं’ और ‘मेरे घर कबहूं ना आवे सांवरिया’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। भक्ति गीतों के बीच आयोजन स्थल का माहौल भक्तिमय बना रहा।
कथावाचक ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए माखन चोरी प्रसंग सुनाया। कथा में बताया गया कि कान्हा को माखन चुराते हुए पकड़कर गोपियां यशोदा मैया के पास ले जाती थीं। उन्हें बांधने के प्रयास में रस्सी हर बार दो अंगुल छोटी पड़ जाती थी। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के ग्वाल रूप, झूलन लीला और कालिया नाग प्रसंग का भी वर्णन किया गया। कथावाचक ने बताया कि गेंद यमुना में गिरने के बाद कन्हैया ने नदी में छलांग लगाकर कालिया नाग का सामना किया और गेंद वापस लेकर आए। कथा में यमुना के विषैले जल को विषमुक्त करने की लीला का भी उल्लेख किया गया।
कार्यक्रम के दौरान लगातार भजनों की प्रस्तुति होती रही। श्रद्धालुओं के बैठने के साथ अल्पाहार और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है।
आयोजन को सफल बनाने में गोयल परिवार के कई महिला-पुरुष सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। आयोजकों के अनुसार श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 21 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा।
















