निरसा/धनबाद: धनबाद जिले के निरसा प्रखंड कार्यालय परिसर में शनिवार को आयोजित विशेष ड्राइविंग लाइसेंस निर्माण शिविर में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। लाइसेंस बनवाने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे और देखते ही देखते परिसर में करीब 5,000 आवेदकों की भीड़ जुट गई। हालांकि विभाग की ओर से केवल करीब 550 आवेदनों के निस्तारण की व्यवस्था होने के कारण अधिकांश लोगों को घंटों इंतजार के बाद बिना काम हुए वापस लौटना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई लोग सुबह 6 बजे से ही लाइन में खड़े थे। आवेदकों का कहना था कि उन्होंने पहले ही ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित शुल्क जमा कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें प्रक्रिया पूरी करने का अवसर नहीं मिल सका। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि विभाग सीमित संख्या में ही आवेदन स्वीकार करने वाला था, तो इसकी जानकारी पहले ही सार्वजनिक की जानी चाहिए थी, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़ती।
शिविर के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ लगातार बढ़ती रही और व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। आवेदकों का कहना था कि जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) दिवाकर द्विवेदी अपने कर्मचारियों के साथ सुबह लगभग 10:30 बजे शिविर स्थल पहुंचे। विभाग द्वारा लाइसेंस निर्माण की प्रक्रिया सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित की गई थी। इतने कम समय में सैकड़ों आवेदनों का निस्तारण संभव नहीं हो सका, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।
मौके पर मौजूद कई आवेदकों ने आरोप लगाया कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी बीच जब पत्रकारों ने शिविर में व्याप्त अव्यवस्था और लोगों की शिकायतों को लेकर डीटीओ से प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो उन्होंने कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, मौके पर मौजूद पत्रकारों का आरोप है कि डीटीओ ने कथित तौर पर कहा, “मैं कुछ नहीं बोलूंगा, आपको जो लिखना है लिख दीजिए। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। आपके जैसे पत्रकार निरसा में बहुत हैं और धनबाद के पत्रकारों से मेरे अच्छे संबंध हैं। आपके लिखने से मेरा कुछ नहीं होगा।” इस कथित बयान के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी नाराजगी देखी गई।
हालांकि, इस कथित बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
शिविर में पहुंचे लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की कि भविष्य में ऐसे शिविरों का आयोजन पर्याप्त तैयारी के साथ किया जाए। साथ ही ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी पात्र आवेदकों के लिए पर्याप्त स्लॉट उपलब्ध कराए जाएं और भीड़ प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
















