रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो 7 अक्टूबर के बाद बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
छात्रों की प्रमुख मांगों में अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली परीक्षा सुधार समिति को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाना, JPSC में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों पर नियुक्ति करना तथा नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करना शामिल है। अगस्त में राज्य सरकार ने अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में JPSC-JSSC परीक्षा सुधार समिति गठित करने की घोषणा की थी।
वार्षिक परीक्षा कैलेंडर और पारदर्शिता की मांग
छात्र प्रतिनिधियों ने UPSC की तर्ज पर पहले से निर्धारित परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग की है, ताकि प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तारीखों की जानकारी अभ्यर्थियों को पहले मिल सके।
इसके अलावा परीक्षा में ई-ऑप्शन, नेगेटिव मार्किंग और श्रेणीवार कटऑफ जारी करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं। छात्रों ने मुख्य परीक्षा के पैटर्न में बदलाव और झारखंड से जुड़े विषयों को अधिक प्राथमिकता देने की बात कही है।
कॉपियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता पर जोर
छात्रों ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता और गोपनीयता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही प्रस्तावित सुधार समिति में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करने और साक्षात्कार तक पहुंचने के बावजूद अंतिम चयन से वंचित रहने वाले अभ्यर्थियों के लिए अन्य सरकारी सेवाओं में अवसर की व्यवस्था पर भी विचार करने की मांग उठाई गई है।
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि वे पढ़ाई छोड़कर बार-बार आंदोलन करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार चाहते हैं। उनका कहना है कि सरकार को इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए।
















