पुरुलिया: कड़ाडी मैदान में आयोजित करम महापर्व के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कुड़मी समाज से जुड़े मुद्दों पर कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुड़माली और राजबंशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में सरकार प्रयास करेगी। कुड़माली को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से कुड़मी समाज के प्रमुख मुद्दों में रही है।
मुख्यमंत्री ने इसे सरकार के चुनावी वादों से जोड़ते हुए कहा कि उचित समय पर इस दिशा में कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कुड़मी समाज के विकास के लिए बजट में 50 करोड़ रुपये के प्रावधान की भी जानकारी दी और आगे इसमें बढ़ोतरी की संभावना जताई।
करम महापर्व में बड़ी संख्या में कुड़मी समाज के लोग और करम नृत्य दल शामिल हुए। कार्यक्रम में पारंपरिक करम नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
अपने संबोधन में शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान कुड़मी आंदोलन से जुड़े मामलों और समुदाय से संबंधित मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा की।
कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने का मुद्दा कुड़मी समाज की पुरानी मांगों में शामिल रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इस मांग को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर पहले भी राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर चर्चा होती रही है।
















