देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सूचना सेवा उपलब्ध कराने और मेला प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा शुक्रवार को सूचना भवन सभागार में उद्घोषक पद के लिए साक्षात्कार का आयोजन किया गया। इस चयन प्रक्रिया में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
साक्षात्कार प्रक्रिया के लिए गठित तीन सदस्यीय चयन समिति ने प्रतिभागियों की आवाज की स्पष्टता, उच्चारण, प्रस्तुति कौशल, मंच संचालन क्षमता, व्यक्तित्व एवं संवाद शैली का गहन मूल्यांकन किया। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रक्रिया में प्रतिभागियों को उनकी वॉइस क्वालिटी, आत्मविश्वास, प्रभावी संप्रेषण क्षमता तथा सौम्य व्यक्तित्व के आधार पर अंक प्रदान किए गए।
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में मेला क्षेत्र में सूचना प्रसारण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने, खोए-पाए कांवरियों को उनके परिजनों से मिलाने, भीड़ प्रबंधन में सहयोग करने तथा विभिन्न प्रशासनिक घोषणाओं को समय पर प्रसारित करने के लिए लगभग 31 सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले मातृत्व विश्राम गृहों में भी उद्घोषकों की तैनाती की जाएगी।
चयनित उद्घोषकों की प्रतिनियुक्ति तीन पालियों में 24 घंटे के आधार पर की जाएगी, ताकि मेला अवधि के दौरान सूचना सेवा निर्बाध रूप से संचालित हो सके। उद्घोषक केवल सूचना प्रसारण का कार्य ही नहीं करेंगे, बल्कि स्वयंसेवक के रूप में श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कर मेला प्रबंधन को सुचारु बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती ने बताया कि साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर मेधा सूची तैयार की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों की सूची शीघ्र ही सूचना भवन के सूचना पट्ट पर प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है और इसकी सफलता में सूचना तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में योग्य एवं प्रशिक्षित उद्घोषकों का चयन श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्रावणी मेला 2026 को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। उद्घोषकों के चयन की यह प्रक्रिया भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे मेला क्षेत्र में सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
















