तेलंगाना में ‘एनालॉग पनीर’ पर बड़ा एक्शन, उत्पादन से बिक्री तक एक साल की रोक

JP Bharat Shareतेलंगाना: राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए एनालॉग पनीर के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इसके निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 10 सितंबर से प्रभावी बताया गया है। तेलंगाना खाद्य एवं…

JP Bharat Share

तेलंगाना: राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए एनालॉग पनीर के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इसके निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

यह आदेश 10 सितंबर से प्रभावी बताया गया है। तेलंगाना खाद्य एवं आवश्यक औषधि मानक प्राधिकरण (TG SAFE) के अनुसार, फूड सेफ्टी कमिश्नर ने Food Safety and Standards Act, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत यह आदेश जारी किया है।

क्या है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर देखने और बनावट में पारंपरिक डेयरी पनीर जैसा हो सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह दूध से तैयार करना जरूरी नहीं होता। इसमें स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सीफायर, स्टेबलाइजर और अन्य नॉन-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सरकार के अनुसार, ऐसे उत्पादों को लेकर खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ता जानकारी से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

उत्पादन से बिक्री तक प्रतिबंध

प्रतिबंध के तहत राज्य में एनालॉग पनीर के निर्माण, प्रोसेसिंग, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर रोक रहेगी। सरकार का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।


JP Bharat Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports