धनबाद: कतरास चुड़ी कोलियरी में कार्यरत ऑपरेटर महेश मंडल ने अपनी मांगों और न्याय के लिए कोयला भवन के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि लंबे समय से कार्य और नियमितीकरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
महेश मंडल के अनुसार, वर्ष 1993 में उनकी नियुक्ति मजदूर के रूप में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2010 में उन्हें थोक सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनका आरोप है कि उच्च न्यायालय के आदेश और प्रबंधन के निर्देश के तहत एक सेवानिवृत्त लिपिक के पैनल रेंट एवं अतिक्रमण से जुड़े मामले में कार्रवाई के दौरान उनके साथ मारपीट की गई।
उनका दावा है कि घटना का विरोध करने के बाद वर्ष 2010 से उन्हें काम से बैठा दिया गया और इसके बाद से लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा। महेश मंडल लंबे समय से थोक सुपरवाइजर पद पर नियमितीकरण और दोबारा काम पर लिए जाने की मांग कर रहे हैं।
अब उन्होंने कोयला भवन के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर प्रबंधन के उच्चाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने वर्षों की सेवा को देखते हुए न्याय, सम्मानजनक तरीके से काम पर वापसी और थोक सुपरवाइजर पद पर नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग रखी है।
फिलहाल यह देखना होगा कि भूख हड़ताल के बाद कोल प्रबंधन की ओर से क्या पहल की जाती है और महेश मंडल की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।
















