रांची: झारखंड सरकार ने लंबे समय से बंद पड़ी खदानों को दोबारा शुरू करने और अवैध खनन पर रोक लगाने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और वन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
62 कोयला खदानों के पट्टे बंद
राज्य में कोयले के 165 खनन पट्टों में से 62 बंद पड़े हैं। इसके अलावा लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर और ग्रेफाइट की 49 खदानें भी निष्क्रिय हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि जरूरी स्वीकृतियां मिलने के बावजूद खनन शुरू नहीं करने वाली खदानों का आवंटन नियमानुसार रद्द कर दोबारा नीलामी की जाएगी।
300 बालू घाटों की नीलामी पूरी
राज्य के 444 बालू घाटों में से 300 की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष घाटों की नीलामी की प्रक्रिया जारी है। अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे, चेकनाका और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार ने जिला और राज्य स्तरीय खनन टास्क फोर्स को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। इस पहल का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना, बंद खदानों को फिर से चालू करना और खनिज संसाधनों का पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित करना है।
















