धनबाद: जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। मैथन डैम के योजनाबद्ध विकास के लिए ‘मैथन टूरिज्म डेवलपमेंट अथॉरिटी’ के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं भटिंडा फॉल में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चट्टानों के आसपास भारी लोहे की फेंसिंग लगाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में तोपचांची झील और पंचेत डैम को ‘बी’ से ‘ए’ श्रेणी में अपग्रेड किया गया। वहीं भटिंडा फॉल को ‘सी’ से ‘बी’, जबकि कतरास स्थित लिलोरी मंदिर और प्रियदर्शनी पार्क सिंदरी को ‘डी’ से ‘सी’ श्रेणी में शामिल किया गया है।
इसके अलावा जिले के 15 नए पर्यटन स्थलों को ‘डी’ श्रेणी में शामिल करने की अनुशंसा की गई है। पर्यटन स्थलों पर शौचालय, पार्किंग, शेड, पेयजल, सोलर लाइट और पहुंच पथ जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
भटिंडा फॉल में सुरक्षा पर विशेष जोर
भटिंडा फॉल में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फेंसिंग सहित अन्य सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई। वहीं रांची में 10 स्थानीय युवाओं को लाइफ सेविंग और पावरबोट संचालन का प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, डीडीसी सन्नी राज, नगर आयुक्त आशीष गंगवार समेत जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
पर्यटन स्थलों के विकास और बेहतर सुविधाओं से धनबाद में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय रोजगार और कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
















