केंदुआ: देश के पावर प्लांटों और थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले की बढ़ती मांग को देखते हुए BCCL ने उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। इसी सिलसिले में BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को कुसुंडा क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं और साइडिंग का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान CMD ने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कोयला डिस्पैच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने करीब साढ़े 12 बजे KDSK साइडिंग पहुंचकर डिस्पैच व्यवस्था का जायजा लिया और कुसुंडा क्षेत्र के GM एनबी त्रिवेदी समेत अधिकारियों के साथ कोयला आपूर्ति बढ़ाने को लेकर चर्चा की।
साइडिंग की व्यवस्था सुधारने का निर्देश
साइडिंग में लाइटिंग व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए CMD ने E&M विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था जल्द दुरुस्त करने को कहा। साथ ही ट्रांसपोर्टिंग रोड की स्थिति सुधारने और जरूरी मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने ट्रांसपोर्ट प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं होने पर नाराजगी जताई। CMD ने स्पष्ट किया कि पावर सेक्टर को प्रतिदिन 22 से 25 रैक कोयला उपलब्ध कराना कंपनी की प्राथमिकता है।
मानसून की चुनौतियों को दूर करने पर जोर
CMD ने बताया कि निरीक्षण के दौरान BNR साइडिंग और सिजुआ क्षेत्र का भी दौरा किया गया। यहां कोयला उत्पादन, डिस्पैच और साइडिंग की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि बारिश और मानसून के कारण आने वाली समस्याओं को धीरे-धीरे दूर किया जा रहा है। चालकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए लाइटिंग, शौचालय समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा सड़कों और संपर्क मार्गों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।
मीडिया से बातचीत में CMD ने कहा कि BCCL के निदेशक, GM, अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना के साथ काम कर रहे हैं। मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि बिजली उत्पादन के लिए देश में कोयले की कमी न हो। उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग के बीच प्रत्येक कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण है और निर्धारित लक्ष्य हासिल करना कंपनी की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान BCCL मुख्यालय और कुसुंडा क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, सुरक्षा अधिकारी, साइडिंग इंचार्ज और कर्मचारी मौजूद रहे।
















