झारखंड: सोहराय झारखंड का एक प्रमुख पारंपरिक आदिवासी पर्व है। यह त्योहार नई फसल की खुशी और पशुधन के प्रति आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर गाय-बैलों को नहलाकर सजाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है।
सोहराय पर्व की खास पहचान इसकी पारंपरिक चित्रकला भी है। इस दौरान घरों की दीवारों पर प्राकृतिक रंगों से आकर्षक सोहराय पेंटिंग बनाई जाती हैं। यह पर्व प्रकृति, कृषि, पशुधन और आदिवासी संस्कृति के गहरे संबंध को दर्शाता है।
















