धनबाद: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोमवार को धनबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) की तैयारियों और कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां उपलब्ध कराएंगे। मतदाता एक प्रति भरकर बीएलओ को देंगे, जबकि दूसरी प्रति पावती के रूप में अपने पास रखेंगे। उन्होंने कहा कि जो मतदाता निर्धारित अवधि में फॉर्म जमा करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं की पहले से विशेष गहन पुनरीक्षण के रिकॉर्ड से मैपिंग हो चुकी है, उन्हें सामान्य परिस्थितियों में किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं जिनकी मैपिंग नहीं हो पाएगी, उन्हें निर्वाचन पंजीकरण पदाधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके बाद आवश्यक दस्तावेज जमा करने पर उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
धनबाद दौरे के दौरान के. रवि कुमार ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आदित्य रंजन के साथ ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण भी किया। इसके बाद उन्होंने भूली बस्ती स्थित मतदान केंद्र संख्या 38 (उत्क्रमित मध्य विद्यालय) तथा मतदान केंद्र संख्या 210 (गुरुनानक मध्य विद्यालय) पहुंचकर बीएलओ द्वारा किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का निरीक्षण किया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया है और इसके प्रत्येक चरण में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी मतदाताओं से बीएलओ को सहयोग करने और इन्यूमरेशन फॉर्म समय पर भरकर जमा करने की अपील की।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, उप निर्वाचन पदाधिकारी कालिदास मुंडा, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अरविंद कुमार ओझा, अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, डीआरडीए निदेशक राजीव रंजन, एलआरडीसी दिलीप कुमार महतो सहित सभी विधानसभा क्षेत्रों के एईआरओ एवं निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
















